Petrol Diesel LPG – फ़रवरी 2026 की शुरुआत में आम जनता के लिए राहत की खबर है, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर तेल कंपनियों ने ईंधन के रेट स्थिर रखे हैं। इससे रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ने वाला खर्च फिलहाल नियंत्रित बना हुआ है। खासकर उन लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है जो निजी वाहन का इस्तेमाल करते हैं या जिनका बजट रसोई गैस पर निर्भर करता है। फ़रवरी 2026 के नए रेट जारी होने के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी या कटौती नहीं की गई है, जिससे महंगाई के दबाव में थोड़ी स्थिरता देखने को मिल रही है।

फ़रवरी 2026 में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
फ़रवरी 2026 में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट पिछले महीने के समान ही बने हुए हैं। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक कीमतों में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिला है। तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के दाम अपडेट करती हैं, लेकिन इस बार लगातार कई दिनों से रेट स्थिर हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें राज्य सरकारों के टैक्स और वैट पर भी निर्भर करती हैं, इसलिए अलग-अलग राज्यों में दामों में थोड़ा फर्क जरूर हो सकता है। बावजूद इसके, कुल मिलाकर फ़रवरी 2026 में उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थिर कीमतों का असर परिवहन लागत पर भी पड़ा है, जिससे अन्य वस्तुओं के दामों में अचानक बढ़ोतरी की आशंका फिलहाल टल गई है।
एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट फ़रवरी 2026
एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए भी फ़रवरी 2026 राहत भरा रहा है, क्योंकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पिछले कुछ महीनों में एलपीजी के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, लेकिन इस बार कीमतें स्थिर रखी गई हैं। घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ व्यावसायिक सिलेंडर के रेट भी फिलहाल यथावत हैं। इससे होटल, ढाबा और छोटे व्यापारियों को भी राहत मिली है। स्थिर एलपीजी रेट का सीधा फायदा मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को मिलता है, जिनके मासिक बजट का बड़ा हिस्सा गैस पर खर्च होता है। फ़रवरी 2026 के रेट से साफ है कि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां कीमतों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।
पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम स्थिर रहने के कारण
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के दाम स्थिर रहने के पीछे कई अहम कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आई है, जिससे घरेलू स्तर पर दबाव कम हुआ है। इसके अलावा सरकार की नीतियां और टैक्स संरचना भी कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद कर रही हैं। तेल कंपनियां भी उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ डालने से बचने के लिए दामों में स्थिरता बनाए रखती हैं। महंगाई दर को काबू में रखने के लिए ईंधन के दामों का स्थिर रहना जरूरी माना जाता है, क्योंकि इसका असर हर सेक्टर पर पड़ता है। यही वजह है कि फ़रवरी 2026 में भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया।
आगे क्या बदल सकते हैं ईंधन के दाम
भले ही फ़रवरी 2026 में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के दाम स्थिर हैं, लेकिन भविष्य में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक हालात ईंधन की कीमतों को प्रभावित करते हैं। अगर आने वाले महीनों में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं या टैक्स नीति में बदलाव होता है, तो ईंधन महंगा हो सकता है। वहीं अगर वैश्विक बाजार में नरमी रहती है, तो कीमतों में कटौती की भी उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए फ़रवरी 2026 राहत भरा महीना साबित हुआ है, लेकिन आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
